Wednesday, January 07, 2015

तुम्हारे जाने के बाद

1) तुम प्यार रचती हो मेरे इर्द-गिर्द 
    साज़िश की तरह 
    खुलती है वर्षों बाद  
    तहस-नहस होता हूँ समूचा 
    तुम्हारी आँखों के शून्य से । 

2) वे भी दिन होंगे 
    जब सिर्फ़ प्याज़ काटने से आएँगे आँसूं 
    थाम सकेंगे पानी को आँखों में,चलते रास्तों पर 
    अलमारी में छुपाई तस्वीरें देखकर हड़बड़ाएँगे नहीं 
    खुलते रहस्य की तरह भूलते जाएँगे तुम्हें 
    याद रखेंगे 
    बस प्यार । 

3) उन दिनों के बाद 
    आँसुओं ने छोड़ दिया होगा तुम्हारा साथ 
    मैं ले आया था सारे 
    मेरे होने से थे सब 
    तुम्हारे पास 
    किश्तों में चुकाता हूँ क़र्ज़ । 

4) तुमने मारा नहीं है मुझे,जन्म दिया है हर बार 
    जब लगा मुझे और लगवाया मैंने तुम्हें 
    कि मार रही हो तुम 
    यही है इकलौता सच 
    वह सारे बोध जो तुम्हें हुए,मुझे होने थे 
    तुमने बोया प्यार,मैंने डर । 

5) तुम्हारे जाने के बाद लम्बे समय तक 
    निचोड़ता रहा आँखें,कुरेदता रहा दिल 
    और यह बात मैं ख़बर की तरह नहीं 
    दुःख की तरह बताता हूँ । 

6) कैसे-कैसे जतन कर 
    कितनी मुश्किल से बचा कर रखा है प्यार 
    कब से सोच रखा है कि 
    जनवरी के महीने में लिखूँगा कोई अच्छी कविता 
    एक साल होने को है 
    तुमसे जुदा हुए । 
    

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