एक-दुसरे को पाल पोस कर बड़ा करने वाले प्रेमी
छूट जाया करते हैं ।
जहाँ हो
मुझसे ही हो कर तो गुज़री हो वहाँ तक
जहाँ हूँ
तुमने ही तो ऊँगली पकड़ कर पहुंचाया है
अब जी लेते हैं
उन बच्चों की तरह
जो सयाने हो कर निकल पड़ते हैं घरों से
या घरों से निकल कर हो जाते हैं सयाने
सीखते हैं जीना
नए साथियों के साथ
हम कितने घर जैसे थे न !
छूट जाया करते हैं ।
जहाँ हो
मुझसे ही हो कर तो गुज़री हो वहाँ तक
जहाँ हूँ
तुमने ही तो ऊँगली पकड़ कर पहुंचाया है
अब जी लेते हैं
उन बच्चों की तरह
जो सयाने हो कर निकल पड़ते हैं घरों से
या घरों से निकल कर हो जाते हैं सयाने
सीखते हैं जीना
नए साथियों के साथ
हम कितने घर जैसे थे न !
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