सुनो
मरना नहीं है,जीना ही है
मारना भी नहीं है
बचाना है सब कुछ
और इतनी समझ तुम में ही है
मैंने किसी को बहुत दुःख दिए
उसने पलट कर मुझे इतने दुःख दिए
कि मैं लायक नहीं रहा उसे और दुःख देने के
मैं कभी उसके रोने पर उसके पास नहीं गया
अपने रोने पर बार-बार गया
कैसे कब भूल गया
वो भी रोती तो होगी
पहले सब कुछ कितना अच्छा होता था
और अब कितना चाह कर भी वैसा नहीं हो पाता
वो सारी तस्वीरें बस यूँ ही टूट जाएँगी
आँखों में रह जाएँगी
बार-बार याद आने के लिए
पर तुम मेरी तरह मत होने देना
जैसे मुझे नकारा गया है
और किसी के साथ ना हो ऐसा
तुम्हारे खुद के साथ भी नहीं
मैं समझ गया हूँ
कि मुझसे ज़रुरी भी कुछ है
वो है
जो सबसे अकेली होते हुए भी
मुझे संभाल रही थी
पर अब मैं हूँ
और सुनो
पहली बार मैं
तुम्हारे लिए नहीं लिख रहा हूँ ।
मरना नहीं है,जीना ही है
मारना भी नहीं है
बचाना है सब कुछ
और इतनी समझ तुम में ही है
मैंने किसी को बहुत दुःख दिए
उसने पलट कर मुझे इतने दुःख दिए
कि मैं लायक नहीं रहा उसे और दुःख देने के
मैं कभी उसके रोने पर उसके पास नहीं गया
अपने रोने पर बार-बार गया
कैसे कब भूल गया
वो भी रोती तो होगी
पहले सब कुछ कितना अच्छा होता था
और अब कितना चाह कर भी वैसा नहीं हो पाता
वो सारी तस्वीरें बस यूँ ही टूट जाएँगी
आँखों में रह जाएँगी
बार-बार याद आने के लिए
पर तुम मेरी तरह मत होने देना
जैसे मुझे नकारा गया है
और किसी के साथ ना हो ऐसा
तुम्हारे खुद के साथ भी नहीं
मैं समझ गया हूँ
कि मुझसे ज़रुरी भी कुछ है
वो है
जो सबसे अकेली होते हुए भी
मुझे संभाल रही थी
पर अब मैं हूँ
और सुनो
पहली बार मैं
तुम्हारे लिए नहीं लिख रहा हूँ ।
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