Tuesday, December 30, 2014

जो तुम दे गई हो

1) जो तुम अधूरा छोड़ गई हो 
     उम्र गुज़रेगी उसे समेटने में 
     मैं भुगत रहा हूँ 
     तुम्हारे प्रेम को । 

2) अतीत के गर्भ में 
    जाने कितनी मारक यादें 
    क़तार में खड़ी हैं 
    तब जितनी सुंदर 
    अब उतनी भयावह । 

3) तुम्हारा मेरा प्रेम मिलन रहा ही नहीं 
    विरह ही रहा 
    और अब रहेगा विरह ही अंत तक 
    मेरे लिए । 

4) वो मधुर शब्द जो तुमने उससे कहे होंगे 
    वही होंगे जो कभी तुमने मुझसे कहे थे 
    हमारी प्रिय धुनों पर अब 
    तुम उसके साथ झूमोगी । 

5)  मैं भी किसी दिन किसी और 
     लड़की के साथ होऊँगा 
     यही दस्तूर है ना 
     पर क्या तब भी तुम यूं ही 
     भरी होगी मेरे अंदर 
     यह तो धोखा होगा ना ?

6) मारने के भी 
    कुछ तो क़ायदे होते होंगे 
    पहले दुश्मनी की जाती है पगली 
    यूं ही थोड़ी .... 
    

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