1) जो तुम अधूरा छोड़ गई हो
उम्र गुज़रेगी उसे समेटने में
मैं भुगत रहा हूँ
तुम्हारे प्रेम को ।
2) अतीत के गर्भ में
जाने कितनी मारक यादें
क़तार में खड़ी हैं
तब जितनी सुंदर
अब उतनी भयावह ।
3) तुम्हारा मेरा प्रेम मिलन रहा ही नहीं
विरह ही रहा
और अब रहेगा विरह ही अंत तक
मेरे लिए ।
4) वो मधुर शब्द जो तुमने उससे कहे होंगे
वही होंगे जो कभी तुमने मुझसे कहे थे
हमारी प्रिय धुनों पर अब
तुम उसके साथ झूमोगी ।
5) मैं भी किसी दिन किसी और
लड़की के साथ होऊँगा
यही दस्तूर है ना
पर क्या तब भी तुम यूं ही
भरी होगी मेरे अंदर
यह तो धोखा होगा ना ?
6) मारने के भी
कुछ तो क़ायदे होते होंगे
पहले दुश्मनी की जाती है पगली
यूं ही थोड़ी ....
उम्र गुज़रेगी उसे समेटने में
मैं भुगत रहा हूँ
तुम्हारे प्रेम को ।
2) अतीत के गर्भ में
जाने कितनी मारक यादें
क़तार में खड़ी हैं
तब जितनी सुंदर
अब उतनी भयावह ।
3) तुम्हारा मेरा प्रेम मिलन रहा ही नहीं
विरह ही रहा
और अब रहेगा विरह ही अंत तक
मेरे लिए ।
4) वो मधुर शब्द जो तुमने उससे कहे होंगे
वही होंगे जो कभी तुमने मुझसे कहे थे
हमारी प्रिय धुनों पर अब
तुम उसके साथ झूमोगी ।
5) मैं भी किसी दिन किसी और
लड़की के साथ होऊँगा
यही दस्तूर है ना
पर क्या तब भी तुम यूं ही
भरी होगी मेरे अंदर
यह तो धोखा होगा ना ?
6) मारने के भी
कुछ तो क़ायदे होते होंगे
पहले दुश्मनी की जाती है पगली
यूं ही थोड़ी ....
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