Wednesday, December 04, 2013

मुद्दों से यह कोसो दूर हैं

चर्चा का बाज़ार गरम है
आज का दिन अपना करम है

पांच साल बाद निकले हैं वह
देखो इनमे कितनी शरम है

हमें लगेगा दम है हम में
समय बोलेगा कितना भरम है

मुद्दों से यह कोसो दूर हैं
राजनीति ही इनका धरम है

पैसे और लाशों का खेल है
देखो आका आज नरम हैं 

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