चर्चा का बाज़ार गरम है
आज का दिन अपना करम है
पांच साल बाद निकले हैं वह
देखो इनमे कितनी शरम है
हमें लगेगा दम है हम में
समय बोलेगा कितना भरम है
मुद्दों से यह कोसो दूर हैं
राजनीति ही इनका धरम है
पैसे और लाशों का खेल है
देखो आका आज नरम हैं
आज का दिन अपना करम है
पांच साल बाद निकले हैं वह
देखो इनमे कितनी शरम है
हमें लगेगा दम है हम में
समय बोलेगा कितना भरम है
मुद्दों से यह कोसो दूर हैं
राजनीति ही इनका धरम है
पैसे और लाशों का खेल है
देखो आका आज नरम हैं
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