आपको तैयार रहना चाहिए ना
हर किसी के स्वागत के लिए
कि घंटी बजे और आप मुस्कुराएँ
सब भूल कर साथ बैठें और पीएँ अदरक वाली चाय
फिर चाहे
वे सीधे छाती पर चढ़ आते हों
माथे को लाल सन्न कर जाते हों
कौन सी बात को क्या रूप दे कर
किस तरह बताते हों ।
आप लोगों से मिलने में इतना क्यों घबराते हो ।
कहाँ आप सहज हो
कहाँ से भाग जाना चाहते हो
कहाँ आप सिर्फ़ सुनते हो
कहाँ थोड़ा बोल भी पाते हो !
कितने पाले हैं आस्तीन में साँप !
किस किसका फ़ोन उठाते हैं आप ?
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