तुम आना
जब मैं भूल जाऊँगा इस दुनिया को
मेरी उंगली पकड़ कर
मुझे ले जाना वापस
लोगों के बीच
जहां हर बड़ा आदमी
दूसरे बड़े आदमी को जानता है
जहां लोग बड़े बड़े फ़ैसले
झट से ले लेते हैं
देख पाते हैं अपना जीवन
साफ़-सुथरा दूर तलक
जहां तोड़ दिया जाता है
उन रिश्तों को
जिनका कोई नाम नहीं होता
जिनमे रहने के लिए कोई बाध्य नहीं होता
पर अलग होने के लिए होता है
किसी को अपने साथ रहने के लिए कहना
ज़बरदस्ती तो होती है
पर किसी को अपने से अलग होने के लिए कहना
कोई ज़बरदस्ती नहीं होती
और आपको चुपचाप ख़ामोशी से
बिना किसी तमाशे के
बस मान लेना होता है
क्योंकि ऐसे में भी निभाना होता है प्यार
उससे जो कह चुका है
कि उसे प्यार था अब नहीं है
कहाँ से सीखा तुमने
किसी को यूं आत्मा में बसा लेना
और केंचुल की तरह उतार फेंकना ।
किसी को यूं आत्मा में बसा लेना
और केंचुल की तरह उतार फेंकना ।
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