Tuesday, August 13, 2013

कविताओं में किये ब्रेक-अप

समय बोलता गया कि
तुम्हें उदार होना है
मर जाने की हद तक
हार जाना मर जाने से
बेहतर लगा
जो बोला समय ने बोला
कविताओं में किये ब्रेक-अप
जो निकले थे निरंतर नैराश्य से
जितना दहाड़ना
उतना गिडगिडाना
जितने सपने बुनना
उतने दिन जलाना
एक पग बढ़ना
दो पीछे लौट आना
आसान नहीं था कुछ भी
बार बार जाना
लौट कर आना
एक दिन चले जाने के लिए ......

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